29 मई 2017 - 18:13
अमेरिका और उसके अरब घटक ईरानो फोबिया का शिकार।

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के सीनियर राजनीतिक विश्लेषक ने रियाद बैठक में ट्रंप की ईरान विरोधी बयान बाजी की ओर इशारा करते हुए कहा है कि अमेरिका और उसके अरब घटक ईरानो फोबिया का शिकार हैं।

अबनाः इस्लामी रिपब्लिक ईरान के सीनियर राजनीतिक विश्लेषक ने रियाद बैठक में ट्रंप की ईरान विरोधी बयान बाजी की ओर इशारा करते हुए कहा है कि अमेरिका और उसके अरब घटक ईरानो फोबिया का शिकार हैं।
उन्होंने इस्राइल के चमचे ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि तेहरान को कभी भी परमाणु हथियार तैयार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान ने कभी भी ऐटमी हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की है।
उन्होंने कहा की इस्लामी रिपब्लिक ईरान ने हमेशा ऐलान किया है कि बड़े स्तर पर तबाही फैलाने वाले हथियार खास कर एटमी हथियारों का इस्तेमाल या उनको बनाना, इस्लाम में हराम है और इस हवाले से सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने फतवा भी जारी किया है।
इस विश्लेषक ने कहा है की फ़िलिस्तीनी जमीन पर क़ब्ज़ा जमाने वाले अवैध देश इस्राईल में अपने दौरे के दौरान ट्रंप के ईरान विरोधी बयान का उद्देश्य इस्राईल को खुश करना था।
उन्होंने कहा इस्राईल एक कब्जा करने वाला आतंकवादी राष्ट्र है जबकि दूसरी ओर सऊदी अरब आतंकवाद का स्रोत है और आईएएस, अलकायदा और जिब्हतुन्नस्रा जैसे खतरनाक आतंकवादी गुट उसी की पैदावार हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ऐसा देश है जो आतंकवाद से फायदा उठा रहा है, उन्होंने कहा यह तीनों राजनीतिक फोर्सेस एक ऐसे नए गठबंधन के निर्माण के इच्छुक हैं जिसका उद्देश्य केवल एक खास क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया की सिक्योरिटी को नाबूद करना है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब यमन में आम नागरिकों का नरसंहार करके इस देश की शहर और गांव की आबादी को पूरू तरह से नाबूद करना चाहते हैं।